काजू, बादाम और अखरोट खाने के फायदे: रोज़ कितने, कब और कैसे खाएँ
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काजू, बादाम और अखरोट खाने के फायदे: रोज़ कितने, कब और कैसे खाएँ

Aurafyn Ventures 18 Oct 202613 min read
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Aurafyn Ventures
Aurafyn Editorial Desk
Published 18 Oct 2026

ये तीन मेवे — बादाम, काजू और अखरोट — भारतीय घरों में पीढ़ियों से रोज़ खाए जाते हैं। फिर भी रोज़ कितने खाने चाहिए, कब, कैसे, और इनके असली फायदे क्या हैं, इस पर ज़्यादातर सलाह अंदाज़े से दी जाती है। यह गाइड इन चारों बातों का जवाब ग्राम और गिनती में देती है, ICMR–NIN, USDA और प्रकाशित अध्ययनों के आधार पर।

सीधा जवाब: एक स्वस्थ वयस्क के लिए रोज़ एक छोटी मुट्ठी मेवे काफी हैं, लगभग 25–30 ग्राम। तीनों साथ खाएँ तो 8 मामरा बादाम, 3 W-180 काजू और अखरोट गिरी के 3 आधे हिस्से (halves): कुल लगभग 28 ग्राम और 170 कैलोरी। यह ICMR–NIN की रोज़ की थाली के 35 ग्राम (मेवे और बीज मिलाकर) के भीतर है।

रोज़ की मात्रा, एक नज़र में
क्या खाएँ रोज़ कितने (लगभग वज़न)
तीनों साथ 8 बादाम, 3 काजू, अखरोट के 3 आधे हिस्से (28 ग्राम)
सिर्फ काजू और बादाम 10 बादाम, 5–6 काजू (25–30 ग्राम)
सिर्फ मामरा बादाम 8–12, रात भर भिगोकर (10–15 ग्राम)
सिर्फ W-180 काजू 8–10 (25 ग्राम)
सिर्फ अखरोट 2–4 आधे हिस्से (7–13 ग्राम)

* वज़न सूखे मेवे का है। हर दाने का वज़न नीचे “गिनती का हिसाब” में है।

एक दिन में कितने काजू, बादाम और अखरोट खाने चाहिए

ICMR–NIN (राष्ट्रीय पोषण संस्थान, हैदराबाद) ने अपनी “My Plate for the Day” में, यानी लगभग 2,000 कैलोरी वाले एक दिन की संतुलित थाली में, मेवे और बीज मिलाकर रोज़ 35 ग्राम रखे हैं।[1] भारत की 2024 की गाइडलाइंस पर छपे एक तुलनात्मक अध्ययन में भी यही 35 ग्राम दर्ज है।[2] इनमें मूँगफली, तिल और अलसी जैसे बीज भी गिने जाते हैं, इसलिए बादाम, काजू और अखरोट के लिए 25–30 ग्राम की मुट्ठी सधी हुई मात्रा है।

मुट्ठी भर, कटोरी भर नहीं

वजह कैलोरी है। USDA के अनुसार 30 ग्राम बादाम में लगभग 174, काजू में 166 और अखरोट में 196 कैलोरी होती हैं।[3] एक कटोरी मेवे आसानी से 100 ग्राम हो जाते हैं, यानी 550 से 650 कैलोरी, लगभग एक भोजन जितनी।

गिनती का हिसाब

हर मेवे के दाने का वज़न अलग है। भारतीय मानक IS 7750 के अनुसार W-180 काजू के 500 ग्राम में 175 से 200 गिरियाँ होती हैं, यानी एक गिरी लगभग 2.5–2.9 ग्राम की। बाज़ार के आम W-320 काजू छोटे होते हैं; 30 ग्राम में लगभग 20।

एक दाने का लगभग वज़न
मेवा एक दाना (10 ग्राम में कितने)
ईरानी मामरा बादाम 1.25 ग्राम (10 ग्राम में 8)
W-180 काजू 2.5–2.9 ग्राम (10 ग्राम में 3–4)
आम W-320 काजू लगभग 1.5 ग्राम (10 ग्राम में 6–7)
अखरोट, आधा हिस्सा 3.3 ग्राम (10 ग्राम में 3)

तीनों साथ: 8 मामरा बादाम (लगभग 10 ग्राम) + 3 W-180 काजू (लगभग 8 ग्राम) + अखरोट के 3 आधे हिस्से (लगभग 10 ग्राम) = लगभग 28 ग्राम और 170 कैलोरी।[3] एक-दो दाने कम या ज़्यादा होने से फर्क नहीं पड़ता। एक बार रसोई के तराज़ू पर 28–30 ग्राम तौल लें; फिर आँख अपने आप अंदाज़ा पकड़ लेती है।

सिर्फ एक मेवा खाते हों, तो ऊपर की तालिका वाली मात्रा लें। बची जगह चाहें तो किसी दूसरे मेवे या बीज के लिए रखें; मेवे और बीज मिलाकर कुल मात्रा 35 ग्राम के आसपास रहे।

कब खाना चाहिए

मेवे खाने का कोई एक “सही” समय किसी बड़े अध्ययन से तय नहीं हुआ है; ज़रूरी यह है कि रोज़ की कुल मात्रा सधी रहे। भारतीय घरों की तीन पुरानी आदतें इसमें आसानी से बैठती हैं:

  • सुबह: रात भर भिगोए 8 मामरा बादाम। यह परंपरा और स्वाद की बात है; खाली पेट खाने का कोई अलग फायदा अध्ययनों में साबित नहीं हुआ है।
  • दोपहर से पहले या शाम की चाय के साथ: 3 W-180 काजू और अखरोट के 3 आधे हिस्से, बिस्कुट या नमकीन की जगह, उनके ऊपर नहीं।
  • खाने में: कटे बादाम या अखरोट दलिया, दही या ओट्स पर। ग्रेवी में डाला गया काजू भी इसी मात्रा में गिनें।

कैसे खाना चाहिए: सादे, भीगे या सूखे

सादे मेवे चुनें

रोज़ के लिए सादे मेवे लें: बिना नमक, बिना तले, और बिना चीनी या मसाले की परत के। नमकीन मेवों में सोडियम बढ़ता है, और तले या मीठे मेवों में तेल और चीनी की कैलोरी जुड़ती है।

भिगोना: स्वाद और परंपरा

भीगे बादाम नरम होते हैं और बहुत से लोगों को हल्के मीठे लगते हैं; यही इस परंपरा की असली खूबी है। बेहतर पाचन या ज़्यादा खनिज जैसे दावे अध्ययनों में सही नहीं निकले।

न्यूज़ीलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ ओटागो के एक ट्रायल में 76 लोगों ने 12-12 दिन तक रोज़ 30 ग्राम बादाम चार रूपों में खाए: साबुत या कटे, भीगे या बिना भीगे। भिगोने से पेट की शिकायतें कम नहीं हुईं; भीगे साबुत बादाम पर गैस की शिकायत उल्टे थोड़ी ज़्यादा रही।[4] उसी टीम के एक और विश्लेषण में भीगे मेवों के फाइटेट (phytate) में बस −12% से +10% का बदलाव दिखा, और खनिज कुल मिलाकर कुछ घट गए।[5]

इसलिए भिगोना पसंद की बात है; सूखे बादाम भी उतने ही अच्छे हैं। भिगोएँ तो साफ पानी में, ढके कटोरे में, रात भर, और उतने ही जितने अगली सुबह खाने हैं, क्योंकि भीगा मेवा जल्दी खराब होता है। छिलका उतारना या न उतारना स्वाद की बात है।

अखरोट का छिलका

अखरोट की गिरी पर पतली भूरी परत का हल्का कसैलापन स्वाभाविक है; इसे उतारने की ज़रूरत नहीं। रात भर भिगोने से गिरी नरम होती है और कसैलापन हल्का लगता है। तेज़ कड़वाहट या पेंट जैसी गंध का मतलब है कि अखरोट बासी हो चुका है।

खाने के फायदे: हर मेवे में क्या मिलता है

तीनों में प्रोटीन, फाइबर, ज़्यादातर अच्छी वसा और कई खनिज होते हैं, पर हर एक की अपनी खासियत है। आँकड़े USDA FoodData Central से हैं;[3] किस्म और फसल के हिसाब से थोड़ा फर्क हो सकता है।

30 ग्राम में क्या मिलता है
मेवा 30 ग्राम में
बादाम 174 कैलोरी, 6.3 ग्राम प्रोटीन, 3.8 ग्राम फाइबर
खास: विटामिन ई 7.7 मिलीग्राम, मैग्नीशियम 81 मिलीग्राम
काजू 166 कैलोरी, 5.5 ग्राम प्रोटीन, 1 ग्राम फाइबर
खास: मैग्नीशियम 88 मिलीग्राम, कॉपर 0.66 मिलीग्राम, ज़िंक 1.7 मिलीग्राम
अखरोट 196 कैलोरी, 4.6 ग्राम प्रोटीन, 2 ग्राम फाइबर
खास: ओमेगा-3 (ALA) 2.7 ग्राम

बादाम: विटामिन ई और फाइबर

आम मेवों में विटामिन ई सबसे ज़्यादा बादाम में है: 100 ग्राम में लगभग 26 मिलीग्राम। तीनों में प्रोटीन और फाइबर भी इसी में सबसे ज़्यादा हैं, और इसकी ज़्यादातर वसा वही “अच्छी” वसा (monounsaturated) है जो जैतून के तेल में होती है।

काजू: मैग्नीशियम, कॉपर और ज़िंक

काजू की खासियत उसके खनिज हैं। फाइबर तीनों में सबसे कम है, और हल्की मिठास के कारण काजू ज़्यादा खा लेना आसान है, इसलिए गिनती पर नज़र रखें।

अखरोट: पौधों वाला ओमेगा-3

आम मेवों में सिर्फ अखरोट में पौधों वाला ओमेगा-3, यानी ALA (अल्फा-लिनोलेनिक एसिड), अच्छी मात्रा में होता है: 100 ग्राम में लगभग 9 ग्राम। इसकी ज़्यादातर वसा नाज़ुक किस्म की (polyunsaturated) है, इसलिए अखरोट जल्दी बासी होता है और उसे ठंडी जगह रखना चाहिए।

अध्ययन क्या कहते हैं

मेवों और दिल की सेहत पर ज़्यादातर प्रमाण उन अध्ययनों से है जो लोगों के खान-पान और सेहत को सालों तक दर्ज करते हैं। 2016 के एक विश्लेषण (BMC Medicine) में ऐसे 20 अध्ययनों को साथ देखा गया: रोज़ लगभग 28 ग्राम मेवे खाना दिल की बीमारी के कम जोखिम से जुड़ा पाया गया।[6] ऐसे अध्ययन संबंध दिखाते हैं, कारण साबित नहीं करते।

स्पेन के PREDIMED ट्रायल में 55 से 80 साल के 7,447 लोग थे, जिन्हें दिल की बीमारी का जोखिम ज़्यादा था, पर बीमारी नहीं। एक समूह ने मेडिटेरेनियन डाइट के साथ रोज़ लगभग 30 ग्राम मिले-जुले मेवे खाए (15 ग्राम अखरोट, 7.5 ग्राम हेज़लनट, 7.5 ग्राम बादाम)। लगभग 4.8 साल में इस समूह में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और दिल की बीमारी से मृत्यु जैसी घटनाएँ, कम वसा वाली डाइट की सलाह पाने वाले समूह से कम रहीं।[7] यह नतीजा पूरी डाइट का है, सिर्फ मेवों का नहीं।

भारत में, चेन्नई के मद्रास डायबिटीज़ रिसर्च फाउंडेशन के एक ट्रायल में टाइप 2 डायबिटीज़ वाले 300 वयस्कों में से एक समूह ने 12 हफ्ते तक रोज़ 30 ग्राम काजू खाए। उनमें ब्लड प्रेशर का ऊपर वाला अंक (सिस्टोलिक) औसतन 4.9 mmHg घटा (दूसरे समूह में 1.7) और HDL (“अच्छा” कोलेस्ट्रॉल) 1.7 mg/dL बढ़ा (दूसरे समूह में 0.1); वज़न, ब्लड शुगर और बाकी कोलेस्ट्रॉल पर बुरा असर नहीं दिखा।[8] यह एक अध्ययन है, दवा या डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं।

इनमें से किसी अध्ययन ने किसी खास ब्रांड या किस्म को बेहतर साबित नहीं किया।

किन्हें सावधानी रखनी चाहिए

मेवे ज़्यादातर लोगों के खाने में आसानी से जगह पा लेते हैं, पर इन स्थितियों में मात्रा डॉक्टर या डाइटीशियन से तय करें:

  • मेवों से एलर्जी: जिस मेवे से एलर्जी हो, उससे पूरी तरह बचें; प्रतिक्रिया गंभीर हो सकती है।
  • 5 साल से छोटे बच्चे: साबुत मेवे गले में अटक सकते हैं। ब्रिटेन की सरकारी स्वास्थ्य सेवा NHS की सलाह है कि इस उम्र में साबुत मेवे न दें; पीसकर या बारीक कूटकर खाने में मिलाएँ।[9]
  • वज़न घटाने वाले: 30 ग्राम मेवों में लगभग 170–200 कैलोरी होती हैं; इन्हें किसी दूसरे नाश्ते की जगह रखें।
  • डायबिटीज़, गर्भावस्था या कोई और बीमारी: मेवे कई तरह के आहार में फिट हो सकते हैं, पर सही मात्रा आपकी रिपोर्ट और दवाओं पर निर्भर है।
  • किडनी की पथरी: बादाम और काजू में ऑक्सलेट होता है; पथरी का इतिहास हो, तो मात्रा ज़रूर पूछें।
  • हाई ब्लड प्रेशर: नमकीन मेवों से बचें।

असली मेवा कैसे पहचानें और कैसे रखें

असली ईरानी मामरा बादाम छोटे-मझोले, नाव की तरह मुड़े और एक-दूसरे से थोड़े अलग होते हैं। ज़ोर से दबाने पर ये कागज़ पर हल्का तेल का निशान छोड़ते हैं, और स्वाद मीठा होता है, कड़वा नहीं। एक जैसे बड़े, सपाट और चमकदार बादाम आम तौर पर मामरा नहीं होते। पूरी जाँच: असली मामरा बादाम कैसे पहचानें (अंग्रेज़ी में)।

मेवों को एयरटाइट काँच या स्टील के डिब्बे में ठंडी, अँधेरी और सूखी जगह रखें; गर्मी और बरसात में फ्रिज में, और महीने भर से ज़्यादा के लिए फ्रीज़र में। अखरोट सबसे नाज़ुक है, उसे ज़्यादातर समय फ्रिज में रखें। पेंट जैसी गंध या तीखा कड़वा स्वाद हो तो मेवा बासी है, और फफूँद दिखे तो पूरा बैच फेंक दें। विस्तार से: मेवों को ताज़ा कैसे रखें (अंग्रेज़ी में)।

हम अपने मेवे इन्हीं कसौटियों पर परखते हैं। Aurafyn में ईरानी मामरा बादाम, W-180 किंग काजू, कश्मीर के अखरोट और तीनों का मिश्रण मिलता है; मिश्रण की एक छोटी मुट्ठी रोज़ की मात्रा के बराबर है। सब बिना पॉलिश, कुछ भी मिलाए बिना, श्रीनगर में ट्रिपल-सील्ड पेपर ट्यूब में पैक होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Ek din mein kitne kaju badam khane chahiye?

एक स्वस्थ वयस्क के लिए रोज़ लगभग 25–30 ग्राम मेवे काफी हैं: सिर्फ काजू-बादाम हों तो लगभग 10 मामरा बादाम और 5–6 W-180 काजू, और अखरोट भी हों तो 8 बादाम, 3 काजू और अखरोट के 3 आधे हिस्से। यह ICMR–NIN के 35 ग्राम (मेवे और बीज मिलाकर) के भीतर है।

काजू, बादाम और अखरोट खाने के क्या फायदे हैं?

तीनों में प्रोटीन, फाइबर, अच्छी वसा और खनिज होते हैं: बादाम में विटामिन ई, काजू में मैग्नीशियम, कॉपर और ज़िंक, और अखरोट में पौधों वाला ओमेगा-3 (ALA)। बड़े अध्ययनों में रोज़ लगभग 28–30 ग्राम मेवे खाना दिल की बीमारी के कम जोखिम से जुड़ा पाया गया है; मेवे दवा की जगह नहीं लेते।

काजू, बादाम और अखरोट कैसे खाना चाहिए?

सादे खाएँ, बिना नमक, तेल या चीनी के, और किसी दूसरे नाश्ते की जगह, उसके ऊपर नहीं। भिगोना स्वाद और परंपरा की बात है; सूखे मेवे भी उतने ही अच्छे हैं।

बादाम और अखरोट कब खाना चाहिए?

कोई एक सही समय किसी बड़े अध्ययन से तय नहीं हुआ है। सुबह भीगे बादाम एक पुरानी परंपरा है, और काजू या अखरोट शाम की चाय के साथ बिस्कुट-नमकीन की जगह खाए जा सकते हैं। ज़रूरी यह है कि दिन की कुल मात्रा 25–30 ग्राम के आसपास रहे।

रोज़ ज़्यादा काजू-बादाम खाने से क्या होता है?

मेवों में कैलोरी बहुत होती है, 30 ग्राम में लगभग 170–200। रोज़ ज़्यादा खाने पर यह अतिरिक्त कैलोरी वज़न बढ़ा सकती है, और नमकीन या तले मेवों से नमक और तेल भी बढ़ता है।

क्या भीगे बादाम सूखे बादाम से बेहतर हैं?

पोषण के हिसाब से नहीं। एक ट्रायल में भिगोने से पेट की शिकायतें कम नहीं हुईं, और एक विश्लेषण में फाइटेट में बहुत कम बदलाव दिखा और खनिज कुछ घटे। भीगे बादाम नरम और हल्के मीठे लगते हैं; भिगोना स्वाद की बात है।

क्या डायबिटीज़ में काजू, बादाम और अखरोट खा सकते हैं?

डायबिटीज़ वाले कई लोगों के खाने में मेवे फिट हो सकते हैं, पर मात्रा आपके डॉक्टर या डाइटीशियन को तय करनी चाहिए। चेन्नई के एक ट्रायल में टाइप 2 डायबिटीज़ वाले वयस्कों ने 12 हफ्ते रोज़ 30 ग्राम काजू खाए, और उनके ब्लड शुगर या वज़न पर बुरा असर नहीं दिखा। यह एक अध्ययन है, दवा की जगह नहीं।

क्या बच्चों को काजू-बादाम दे सकते हैं?

हाँ, उम्र का ध्यान रखकर। 5 साल से छोटे बच्चों को साबुत मेवे न दें, क्योंकि ये गले में अटक सकते हैं; पीसकर या बारीक कूटकर खाने में मिलाएँ। परिवार में एलर्जी का इतिहास हो, तो पहली बार देने से पहले डॉक्टर से पूछें।

आखिरी बात

ज़्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए रोज़ एक छोटी मुट्ठी काफी है, लगभग 25–30 ग्राम: जैसे 8 मामरा बादाम, 3 W-180 काजू और अखरोट के 3 आधे हिस्से। सादे मेवे चुनें, किसी दूसरे नाश्ते की जगह खाएँ, और कोई बीमारी हो तो मात्रा डॉक्टर से तय करें।

यह लेख सामान्य पोषण जानकारी के लिए है, डॉक्टरी सलाह नहीं। कोई बीमारी हो, गर्भावस्था हो या आप कोई दवा ले रहे हों, तो मेवों की मात्रा अपने डॉक्टर या डाइटीशियन से तय करें। आँकड़े अक्टूबर 2026 में जाँचे गए।

स्रोत और आगे पढ़ें

  1. My Plate for the Day (~2,000 kcal): nuts & seeds, 35 g raw weight a dayICMR–National Institute of Nutrition, Hyderabad, 2024
  2. Shah RM, Sachdeva G, Chaudhari UK. Dietary guidelines across different countries & comparisons to dietary guidelines for Indians, 2024Indian Journal of Medical Research, 2025; 162:53–65
  3. Almonds (FDC 170567), Cashew nuts, raw (170162), Walnuts, English (170187): nutrient compositionUSDA FoodData Central (SR Legacy)
  4. Taylor H, et al. The effects of ‘activating’ almonds on consumer acceptance and gastrointestinal toleranceEuropean Journal of Nutrition, 2018; 57(8):2771–2783
  5. Kumari S, et al. Does ‘activating’ nuts affect nutrient bioavailability?Food Chemistry, 2020; 319:126529
  6. Aune D, et al. Nut consumption and risk of cardiovascular disease, total cancer, all-cause and cause-specific mortality: a systematic review and dose-response meta-analysis of prospective studiesBMC Medicine, 2016; 14:207
  7. Estruch R, et al. Primary Prevention of Cardiovascular Disease with a Mediterranean Diet Supplemented with Extra-Virgin Olive Oil or Nuts (PREDIMED)New England Journal of Medicine, 2018; 378(25):e34
  8. Mohan V, et al. Cashew Nut Consumption Increases HDL Cholesterol and Reduces Systolic Blood Pressure in Asian Indians with Type 2 Diabetes: A 12-Week Randomized Controlled TrialThe Journal of Nutrition, 2018; 148(1):63–69
  9. Foods to avoid giving babies and young childrenNHS (UK)
  10. पूरी गाइड अंग्रेज़ी में: How Many Almonds, Cashews & Walnuts Should You Eat Per Day?Aurafyn Journal
Cite this article

Aurafyn Journal. “काजू, बादाम और अखरोट खाने के फायदे: रोज़ कितने, कब और कैसे खाएँ.” Updated 18 Oct 2026. aurafyn.com/blogs/journal/kaju-badam-akhrot-khane-ke-fayde-roz-kitne

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